​ ​ पोलियोमुक्त देश घोषित होने के बावजूद पोलियोरोधी अभियान जारी
Sunday, October 21, 2018 | 7:05:37 PM

RTI NEWS » Entertainment » Health


पोलियोमुक्त देश घोषित होने के बावजूद पोलियोरोधी अभियान जारी

Friday, October 12, 2018 20:37:53 PM , Viewed: 13
  • नई दिल्ली, 12 अक्टूबर | विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ ने कहा कि साल 2018 में दो राष्ट्रीय स्तर के और एक उप-राष्ट्रीय स्तर का अभियान शुरू किया जा चुका है। सभी प्रकार के पोलियोवायरस के खिलाफ उच्च प्रतिरक्षा को बनाए रखने के प्रयासों के तौर पर भारत नियमित टीकाकरण के तहत देशभर में बच्चों को इनएक्टीवेटेड पोलियोवायरस वैक्सीन (आईपीवी) और बीओपीवी मुहैया कराता है। भारत मार्च 2014 में आधिकारिक तौर पर पोलियोमुक्त हो गया था, लेकिन इसके बावजूद भारत सभी तीन प्रकार के पोलियो विषाणुओं की रोकथाम को लेकर सतर्क है। वाइल्ड पोलियोवायरस के कारण देश में 13 जनवरी 2011 को पोलियो के अंतिम केस का पता चला था।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ ने एक बयान में कहा कि टाइप 2 पोलियो वायरस युक्त वैक्सीन को विश्वभर से धीरे-धीरे हटा लिया गया और भारत में इसे पोलियो एंड गेम स्ट्रेटेजी के तहत अप्रैल 2016 में हटाया गया। अन्य जगहों की तरह भारत में सभी पोलियो अभियानों और नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में ट्राइवेलेंट ओवर पोलियोवायरस वैक्सीन (टीओपीवी) का स्थान बाइवैलेंट ओरल पोलियोवायरस वैक्सीन (बीओपीवी) ने ले लिया ।

    इंडिया एक्सपर्ट एडवाइजरी ग्रुप की सलाह के अनुसार, भारत का पोलियो के खिलाफ व्यापक टीकाकरण अभियान जारी है, और पोलियो के खिलाफ उच्च प्रतिरक्षा को बनाए रखने के लिए बीओपीवी का उपयोग किया जा रहा है।

    हाल ही में कुछ नालों और मल के नमूनों में टाइप-2 पोलियो वैक्सीन वायरस पाए गए थे। टाइप-2 वैक्सीन वायरस का पता लगाया जाना सुदृढ़ पोलियो निगरानी प्रणाली की सक्रियता को दर्शाता है, जिसका प्रबंधन संयुक्त रूप से स्वास्थ्य मंत्रालय, डब्ल्यूएचओ और साझीदारों द्वारा किया जाता है।

    इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया और स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्रालय की एक टीम ने इस मामले की गहनता से जांच की। जांच से भारत में एक निर्माता द्वारा आपूर्ति की गई बीओपीवी की एक खेप में टाइप-2 पोलियो वैक्सीन वायरस के अंश पाए गए।

    भारत में यूनिवर्सल इम्युनाइजेन प्रोग्राम (यूआईपी) के तहत जिस तरह नियमित टीकाकरण कवरेज अधिक हो रहा है, उसे देखते हुए इस वैक्सीन के कारण भारत में बच्चों के पोलियो की चपेट मे आने की गुंजाइश न के बराबर है। यूआईपी के तहत सभी वैक्सीन सुरक्षित हैं। आपके बच्चे को पोलियो की सही और सुरक्षित खुराक मिली है, यह सुनिश्चित करना सिर्फ उसके संरक्षण के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि भारत को पोलियोमुक्त रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

    डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त रखने के प्रयासों में हर कदम पर वह सरकार के साथ हैं।

     

Reporter : ,
RTI NEWS


Disclaimer : हमारी वेबसाइट और हमारे फेसबुक पेज पर प्रदर्शित होने वाली तस्वीरों और सूचनाएं के लिए किसी प्रकार का दावा नहीं करते। इन तस्वीरों को हमने अलग-अलग स्रोतों से लिया जाता है, जिन पर इनके मालिकों का अपना कॉपीराइट है। यदि आपको लगता है कि हमारे द्वारा इस्तेमाल की गई कोई भी तस्वीर आपके कॉपीराइट का उल्लंघन करती है तो आप यहां अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं- rtinews.net@gmail.com

हमें आपकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा है। हम उस पर अवश्य कार्यवाही करेंगे।


दूसरे अपडेट पाने के लिए RTINEWS.NET के Facebook पेज से जुड़ें। आप हमारे Twitter पेज को भी फॉलो कर सकते हैं।