​ ​ कोरोना संकट : भूखे बेजुबानों का सहारा बनी एबीवीपी, तीन लाख पशुओं को मुहैया कराया आहार
Sunday, July 12, 2020 | 6:27:03 AM

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कोरोना संकट : भूखे बेजुबानों का सहारा बनी एबीवीपी, तीन लाख पशुओं को मुहैया कराया आहार

Monday, May 25, 2020 15:09:02 PM , Viewed: 33
  • लखनऊ , 25 मई । कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया पर छाया हुआ है। मनुष्य के साथ बेसहारा-बेजुबान जानवरों, पशु-पक्षियों की हालत भी किसी से छिपी नहीं है। ऐसे वक्त में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने लॉकडाउन के दौरान न सिर्फ लंगर चलाया, बल्कि पके हुए भोजन और राशन का वितरण कर लोगों को मदद पहुंचाई। इतना ही नहीं, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने बेजुबान जानवरों, पक्षियों की चिंता भी की। इस दौरान तकरीबन 3 लाख बेजुबानों को नियमित आहार उपलब्ध कराके न सिर्फ कीर्तिमान स्थापित किया बल्कि उनका जीवन भी बचाया।

    हालत यह थी कि सड़कों गलियों में घूमने वाले जानवरों की कोई सुधि लेने वाला नहीं था। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इन भूखे-प्यासे जानवरों का पेट भरने का काम शुरू किया। यह काम अब भी जारी है।

    बता दें कि जानवरों को खाना खिलाना और उनकी देखभाल करना, अब एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की दिनचर्या में शामिल हो गया है। वे बीमार पड़ने वाले जानवरों का अपने खर्च पर इलाज भी करा रहे हैं। प्रदेश में हुए लॉकडाउन की शुरूआत से लेकर अब तक करीब 03 लाख से अधिक बेजुबानों को खाना खिलाने का दावा संगठन की ओर से किया जा रहा है।

    अवध प्रांत के करीब 15 जिलों में गाय, कुत्तों आवारा पशुओं, जलचर कछुआ, मछलियों को आहार उपलब्ध करवाया गया। अब भी ये कार्यकर्ता प्रतिदिन संगठन की ओर से रोजाना क्षेत्र में घूमने वाले पशुओं को नियमित खाना खिला रहे हैं। अगर कोई जानवर उन्हें बीमार दिखाई देता है तो वह उसका अपने खर्च पर इलाज करवाने का प्रयास करते हैं।

    अयोध्या विभाग के संगठन मंत्री अभिलाष मिश्रा ने बताया, "जनता कर्फ्यू के बाद अपने कार्यकर्ताओं के साथ हनुमान गढ़ी मंदिर गये तो बेजुबान बंदरों को भूख से बिलखते देख मन बहुत द्रवित हुआ। इसके बाद 23 मार्च से हम लोगों ने बंदरों, गायों, कुत्तों और मछली, कछुओं को भोजन के रूप में खीरा, लौकी, टमाटर, केला बिस्कुट, आटा, रोज सुबह शाम खिला रहे हैं।"

    उन्होंने बताया,"अयोध्या महानगर में अभी तक एक हजार कुत्तों, 03 हजार बन्दर, 3,325 गायों और काफी संख्या में मछली, कछुओं और पक्षियों के लिए खाने की व्यवस्था की जा रही है। अभी तक यहां पर लगभग 02 लाख 48 हजार बेजुबानों को कार्यकर्ताओं द्वारा भोजन कराया जा रहा है।"

    प्रांत संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने आईएएनएस को बताया, "अभी तक हमारे कार्यकर्ताओं द्वारा करीब 03 लाख बेजुबानों का पेट भरा जा चुका है। इसमें आयोध्या में करीब 02 लाख 48 हजार है। इसके अलावा सीतापुर में 46 हजार, लखीमपुर खीरी 22 हजार, हरदोई 11 हजार, रायबरेली में 10 हजार, पशुओं, पक्षी, जलचरों का पेट भरा जा चुका है। इसमें करीब साढ़े तीन सौ कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की है।"

    अवध प्रांत के अन्तर्गत आने वाले 15 जिलों में करीब सवा लाख भोजन के पैकेट वितरित किये गये। इसके अलावा 28,002 राशन किट बांटी गयी। इसके अलावा करीब 20 हजार मास्क वितरित किये गये। साथ 26,86,505 रूपये प्रधानमंत्री केयर्स फंड में मदद के लिए दिये गये। 18 किचन पूरे 52 दिन तक चले। इस बीच करीब 52 लोगों ने रक्तदान भी किया है।

    --आईएएनएस

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